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'नेचर विद्या' नेचर साइन्स इनिशिएटिव (एनएसआई) द्वारा जानकीदेवी बजाज ग्राम विकास संस्था (जेबीजीवीएस) के सहयोग से विकसित किया गया एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह इस क्षेत्र का पहला ऐसा कार्यक्रम है जो यहाँ के शिक्षकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए हिंदी भाषा में पर्यावरण शिक्षण सामग्री विकसित करने के लिए समर्पित है।

 

नेचर विद्या के अंतर्गत विकसित सामग्री राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) पाठ्यक्रम पर आधारित है। इसके अलावा इस कार्यक्रम में प्लास्टिक प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा और जैव विविधता आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विशेष बल दिया गया है। नेचर विद्या सामग्री मुख्यतः कक्षा 3, 4, व 5 के बच्चों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, परन्तु यह बड़ी कक्षाओं के बच्चों के लिए भी उपयुक्त है।

नेचर विद्या में क्रिया पर आधारित शिक्षा पर महत्व दिया गया है। इसके अंतर्गत बच्चों को स्वयं अपने आसपास के वातावरण का अवलोकन करने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि वे अपने अनुभवों के द्वारा हिमालयी क्षेत्रों के पर्यावरण को बेहतर समझ सकें।

प्रकृति पर आधारित शिक्षा क्यों आवश्यक है?


शिक्षा को सार्थक व गहन बनाने के लिए उसे क्षेत्रीय पर्यावरण के परिपेक्ष के अनुसार प्रकृति पर आधारित होना अनिवार्य है। यह पाया गया है कि कक्षा की चारदीवारी से बहार दी गयी और प्रकृति पर केंद्रित शिक्षा बच्चों में विश्लेषण शक्ति और नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देती है। साथ ही, यह शिक्षण विधि बच्चों में ज्ञान की जिज्ञासा पैदा कर उन्हें व्यावहारिक समस्याओं को सुलझाने में सक्षम बनाती है जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं।

 

एनएसआई की स्थापना उत्तर भारत में पर्यावरण पर शोध और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की गयी थी। नेचर विद्या इसी उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में एक प्रयास है।

 

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हमारा ध्येय

हमारा उद्देश्य बच्चों को प्रकृति से परिचित करना है जिससे वे जिज्ञासु बनें और अपने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हों।

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हमारा लक्ष्य

हमारा उद्देश्य पर्यावण शिक्षा को स्थानीय परिपेक्ष में ढाल कर बच्चों के लिए दिलचस्प बनाना है जिससे वह और प्रभावशाली बने। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षकों को इस विषय को पढ़ाने के लिए उपयुक्त पाठ्य सामग्री आसानी से उपलब्ध कराई जाये।

हमारे मुख्य उद्देश्य

  • पर्यावरण शिक्षा से जुड़े शिक्षकों में परस्पर सहयोग और जानकारी का आदान प्रदान को प्रोत्साहित करना।  

  • विद्यार्थियों को स्वतंत्र अवलोकन और वास्तविक अनुभवों के माध्यम से प्रकृति से अवगत करना।

  • बच्चों को उनके आसपास मौजूद पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से परिचित कराना।

  • बच्चों को प्रकृति का आदर करने के लिए प्रेरित करना और उनमे पर्यावरण के प्रति संवेदना उत्पन्न कराना।